नागालैंड के महामहिम राज्यपाल श्री नंद किशोर यादव जी दर्शनार्थ आये परमार्थ निकेतन
दिव्य गंगा आरती में किया सहभाग
आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का दिव्य संदेश
परमार्थ गंगा आरती में भजन जैमिंग” बैकस्टेज सिब्लिंग्स राघव व प्राची द्वारा एक अनूठा लाइव भक्तिमय अनुभव
ऋषिकेश, 12 मई। विश्वविख्यात आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक तीर्थ परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती में नागालैंड के महामहिम राज्यपाल श्री नंद किशोर यादव जी ने सहभाग कर माँ गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। हिमालय की पावन गोद में प्रवाहित माँ गंगा के तट पर सम्पन्न इस दिव्य संध्या ने आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के भावों को एक नवीन आयाम प्रदान किया। यहां से प्रतिदिन पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी देशभक्ति के साथ देवभक्ति का संदेश प्रदान करते हैं।
परमार्थ निकेतन गुरूकुल के आचार्यों व ऋषिकुमारों ने महामहिम राज्यपाल का आत्मीय स्वागत अभिनन्दन किया। साध्वी भगवती सरस्वती जी माननीय राज्यपाल जी को रूद्राक्ष का दिव्य पौधा भेंट किया। यह क्षण आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत अनुभव कराने वाला है।
महामहिम राज्यपाल श्री नंद किशोर यादव जी ने परमार्थ निकेतन में प्राप्त आध्यात्मिक अनुभव को अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
ंपरम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि माँ गंगा भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और मानवीय चेतना की जीवनधारा हैं। गंगा आरती विश्व को शांति, करुणा, सह-अस्तित्व और प्रकृति संरक्षण का संदेश देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र के संवैधानिक पदों पर आसीन नेतृत्वकर्ता भारतीय आध्यात्मिक परम्पराओं से जुड़ते हैं, तब वह समाज में संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति सकारात्मक चेतना का संचार करता है।
पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि गंगा आरती सम्पूर्ण मानवता को जोड़ने वाली आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमें केवल पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति, जल, धरती और समस्त सृष्टि के प्रति सम्मान, संरक्षण और सह-अस्तित्व का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारे “हैप्पी हार्ट” और करुणामय जीवन का आधार है।
आज की दिव्य गंगा आरती में भजन जैमिंग” बैकस्टेज सिब्लिंग्स राघव व प्राची द्वाराएक अनूठा लाइव भक्तिमय अनुभव सभी भक्तों को प्राप्त हुआ, उन्हांेने पारंपरिक भजनों को आधुनिक और नवीन संगीत शैली के साथ खूबसूरती से गाया।
इस अवसर पर श्री बृजलाल जी, अध्यक्ष, कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति, श्री नवीन जैन, श्री मनन कुमार मिश्रा, श्री हर्षवर्धन श्रृंगला, श्री विवेक के. तन्खा, श्री एम. मल्लेश बाबू, श्री अरूप चक्रवर्ती, श्री गड्डिगौदार परवतगौड़ा चंदनगौड़ा, श्री पी. पी. चैधरी, श्री वरुण चैधरी, डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री दिनेशभाई मकवाना, श्री आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी, अधिवक्ता गोवाल कागड़ा पडावी, श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, श्री राधाकृष्ण, श्री ए. राजा, श्री माधवेनेनी रघुनंदन राव, श्रीमती मंजू शर्मा, श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी, श्री के. सुधाकरन, श्री लालजी वर्मा आदि अनेक संत, विशिष्ट अतिथि, श्रद्धालुओं ने सहभाग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *