स्टाम्प शुल्क अपवंचन के छह मामलों में 8.84 लाख रुपये से अधिक की शास्ति अधिरोपित
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी टिहरी गढ़वाल के न्यायालय में लंबित स्टाम्प वादों की सुनवाई करते हुए स्टाम्प शुल्क की कमी से संबंधित छह मामलों का निस्तारण किया गया। मामलों में पाया गया कि संबंधित पक्षकारों द्वारा संपत्तियों के वास्तविक स्वरूप को छिपाकर तथा भूमि के उपयोग की गलत जानकारी प्रस्तुत कर स्टाम्प शुल्क का अपवंचन किया गया था।
न्यायालय द्वारा कमी स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त अर्थदण्ड एवं विलेख निष्पादन की तिथि से निर्णय की तिथि तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से शास्ति अधिरोपित की गई।
उक्त मामले में ऋषिकेश के छह लोगों द्वारा व्यवसायिक भूमि को आवासीय प्रयोजन हेतु दर्शाकर स्टाम्प शुल्क अपवंचन करने के मामले में शास्ति अधिरोपित की गई। इस प्रकार न्यायालय द्वारा छह मामलों में कुल ₹8,84,680 (आठ लाख चौरासी हजार छह सौ अस्सी रुपये) की शास्ति अधिरोपित की गई है।