परमार्थ निकेतन के श्री दैवी संपद अध्यात्म संस्कृत महाविद्यालय में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में सेवाएं प्रदान कर रहे आदरणीय श्री संजीव कुमार जी के कार्यमुक्त होने के उपलक्ष्य में एक सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात महाविद्यालय परिवार के सदस्यों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने श्री संजीव कुमार जी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

पूज्य माता जी साध्वी आभा सरस्वती जी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके नेतृत्व में महाविद्यालय ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। डा संतोष मुनि जी ने कहा की आपके कार्यकाल में सवित्त महाविद्यालय की मान्यता राज्य सरकार से प्राप्त हुई तथा छः प्रबंधकीय शिक्षकों को मानदेय प्राप्त हुआ तथा अनेकों छात्रों को विश्वविद्यालय से स्वर्णपदक प्राप्त हुए साथ ही आपके नेतृत्व में विद्यालय व महाविद्यालय का व्यवस्थित रूप से पृथक पृथक संचालित हो रहे हैं आपका कार्यकाल सदैव स्मरणीय रहेगा । विद्यालय के छात्रों द्वारा श्री संजीव कुमार जी के सम्मान में गुरु वंदना प्रस्तुत की ।

समारोह के दौरान श्री संजीव कुमार जी को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने विदाई उद्बोधन में उन्होंने महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी संस्थान की उन्नति के लिए शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित अतिथियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन आयुष बडोनी जी ने किया तथा महाविद्यालय के संतोष मुनि जी, सुमन कुमार झा जी अनिल चंद्र नौटियाल जी, आदरणीय विमल वधावन जी श्रीमती रजनी जी नावकिशोर जी प्रेमचंद्र जी, सोमेश्वर जी सुनीता जी, रामेश्वरी जी अरुण जी प्रांजल जी संजना जी विनायक जी व विद्यालय व महाविद्यालय के समस्त छात्र उपस्थित रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *