विश्व हिन्दू परिषद से संबद्ध धर्म यात्रा महासंघ का 32वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भूपतवाला स्थित चेतनज्योति अक्षय घाट पर आयोजित समारोह में हवन, पूजन व प्रभु संकीर्तन के साथ सैंकड़ों लोगों ने प्रत्येक वर्ष किसी न किसी धार्मिक यात्रा में भाग लेने का संकल्प लिया।

धर्मयात्रा महासंघ स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि धर्म यात्रा महासंघ विश्व हिंदू परिषद का आयाम है जो धार्मिक मेलों व यात्राओं में सेवा, संस्कार, समरसता और संगठन के माध्यम से हिंदू और सनातन के जागरण का कार्य करता है। उन्होंने कहा महासंघ जहां स्थानीय व प्रांतीय स्तर पर परंपरागत रूप से चल रही यात्राओं में सहयोग करता है, वहीं महासंघ ने बीते वर्ष से श्री कृष्ण गुरुकुल शिक्षा यात्रा तथा बूढ़ा अमरनाथ यात्राऐं शुरू की हैं। श्री कृष्ण गुरुकुल शिक्षा यात्रा मथुरा से शुरू होकर उज्जैन में सांदीपनि आश्रम तक जाती है। महासंघ केन्द्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष एक ज्योतिर्लिंग का चयन कर वहां रूद्राभिषेक का बड़ा आयोजन करता है। अयोध्या से जनकपुरी (नेपाल) तक प्रत्येक वर्ष होने वाली राम विवाह यात्रा का आयोजन महासंघ का विशेष आकर्षण है।

समारोह के मुख्य अतिथि हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने धर्म यात्रा महासंघ के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि महासंघ केन्द्रीय और स्थानीय स्तर पर अनेक धार्मिक यात्राओं के साथ मानसरोवर व अमरनाथ में तीर्थयात्रियों के लिए विविध व्यवस्थाएं भी जुटाता है। उन्होंने कहा महांसंघ की मांग पर अनेक राज्य सरकारों ने पर्यटन मंत्रालय से अलग तीर्थाटन मंत्रालय भी बनाए हैं।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने सनातन और धार्मिक भावनाओं के जागरण में धर्म यात्रा महासंघ की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाते हुए महासंघ की स्थापना के लिए ब्रह्मलीन अशोक सिंघल को याद किया। भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी ने परंपरागत रूप से चली आ रही धर्म यात्राओं को व्यवस्थित करने के साथ नई धार्मिक यात्राएं प्रारंभ करने के लिए धर्म यात्रा महासंघ को साधुवाद दिया।

समारोह का संचालन कर रहे धर्म यात्रा महासंघ के केंद्रीय मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ल ने कहा धर्मयात्रा महासंघ की स्थापना विहिप के तत्कालीन अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल ने 1995 में हरिद्वार में ही की थी। मकर संक्रांति पर्व पर अस्तित्व में आए इस महासंघ की आज भारत के सभी प्रांतों में संगठन व शाखाएं हैं। भारत की आत्मा तीर्थों में वास करती है। तीर्थों का विकास भारत का विकास है, धर्मयात्रा महासंघ का ध्येय वाक्य है।

महासंघ के प्रांतीय महामंत्री डा. चन्द्रधर काला, महिला मण्डल की राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा गुप्ता, समाजसेवी बृजभूषण विद्यार्थी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री अजय कुमार, प्रांतीय कोषाध्यक्ष डा. उपेन्द्र गुप्ता व जिला महामंत्री मनोज चौहान ने भी विचार व्यक्त किये।

इस अवसर पर आए अतिथियों का जिला अध्यक्ष डी पी सिंह, श्रीप्रसाद कुकरेती, हरिमोहन भारद्वाज, पंडित लवनाथ आचार्य, प्रेम प्रकाश सतलेवाल, डॉक्टर सुचित्रा मलिक, सुभाष चंद्र वर्मा, पंडित राजेंद्र, श्रीप्रकाश त्रिपाठी, यशपाल, एडवोकेट वीरेंद्र तिवारी, श्रीमती सुषमा मिश्रा , रविदत्त शर्मा, पूर्व पार्षद ललिता मिश्रा ने शॉल उढाकर स्वागत किया। सामाजिक समरसता व धर्म जागरण के प्रतीक सह भोज में सैंकड़ों लोगों के प्रसाद ग्रहण के साथ समारोह सम्पन्न हुआ।

गंगा तट पर हुए भव्य आयोजन में रविन्द्र गोयल, कमलेश्वर मिश्रा, डॉ प्रशांत पालीवाल, जानकी प्रसाद, मुनीराम व सुभाष चंद्र वर्मा आदि की प्रमुख भूमिका रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *