गीता आश्रम में आज स्वतंत्र आनंद सरस्वती जी संस्थापक आनंद आश्रम हरिद्वार का 54 वां पुण्यतिथि कार्यक्रम श्रद्धा भक्तिपूर्वक मनाया गया इस अवसर पर आश्रम में गीता पाठ यज्ञ भजन कीर्तन के अलावा पूज्य स्वामी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई कार्यक्रम के अध्यक्षता महंत स्वामी सर्वात्मानंद सरस्वती द्वारा की गई स्वामी जी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संत सदैव परोपकार एवं धर्म प्रचार के लिए अपने जीवन का संपूर्ण भाग अर्पित कर देते हैं संतों का जीवन प्रेरणादाई और समाज के प्रति समर्पित होता है आज उन्हें स्मरण करना उनके कार्यकलापों को आगे बढ़ना यही सच्ची श्रद्धांजलि है उन्होंने अपने उत्तराधिकारी स्वामी शांतानंद जी को बनाया उन्होंने अपने कार्यकाल में संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाया और सेवा की भावना में निरंतर लगे रहे श्री गीता आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन गुरु वेदव्यास आनंद जी ने भी गीता के प्रचार में विशेष योगदान किया आज भी गीता आश्रम में ट्रस्ट के माध्यम से आश्रम की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है ।

ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉक्टर दीपक गुप्ता ने कहा कि स्वामी स्वतंत्र आनंद सरस्वती जी ने देश के अनेक भागों में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों को चलाया और ब्रह्मलीन होने से पूर्व अपने उत्तराधिकारी स्वामी शांतानंद जी को बनाया संतों का स्मरण हमें प्रेरणा प्रदान करता है हम उनके बताएं मार्ग पर चलते रहे और उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें यही सच्ची श्रद्धांजलि है चंद्र मित्र शुक्ला प्रबंधक ने भी स्वामी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की कार्यक्रम का संचालन भानु मित्र शर्मा ने किया इस अवसर पर उपस्थित विशेष महानुभावों में श्री गीता चैतन्य माता प्रमिला शाह दया जोशी सुलोचना लखानी त्रिभुवन उपाध्याय पंडित प्रेम प्रसाद उदय राम उपाध्याय नीरज शास्त्री श्रीमती शशि गुप्ता कोमल शर्मा अन्य अनेक भक्त आश्रम वासी उपस्थित थे कार्यक्रम के उपरांत भंडारा प्रसाद संपन्न हुआ।

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