पिथौरागढ़। भारत सरकार एवं उत्तराखंड राज्य सरकार की संयुक्त पहल से कैलाश मानसरोवर यात्रा को मिला नया आयाम — यात्रियों ने किए मानसखंड मंदिरमाला में सम्मिलित मंदिरों के दिव्य एवं भव्य दर्शन।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के प्रथम दल ने आज पवित्र मानसखंड मंदिरमाला में स्थित अनेक प्राचीन, पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शन कर गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इस यात्रा के दौरान यात्रियों ने पिथौरागढ़ जनपद ने स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर, हाट कालिका मंदिर के दर्शन कर क्षेत्र की धार्मिक गरिमा, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक समृद्धि का साक्षात अनुभव किया।

मानसखंड मंदिरमाला, उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से विकसित की जा रही एक व्यापक धार्मिक सर्किट योजना है, जिसमें कुमाऊं मंडल के प्रमुख देवस्थलों को आपस में जोड़कर एक सुव्यवस्थित तीर्थ यात्रा पथ तैयार किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना, और कुमाऊं की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करना है।

इस पहल के तहत मंदिरों तक बेहतर सड़क संपर्क, मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण, सूचना पटल एवं डिजिटल गाइडेंस जैसी आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को एक सुविधाजनक एवं समग्र आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।

यात्रियों ने न केवल मंदिरों की अलौकिकता और पवित्रता का अनुभव किया, बल्कि पिथौरागढ़

जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन्हें हिमालय की गोद में स्थित देवभूमि की दिव्यता, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने वाली एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक यात्रा सिद्ध हुई है।

राज्य सरकार का यह प्रयास धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और स्थानीय कारीगरों व व्यापारियों के लिए आर्थिक संबल भी सृजित कर रहा है। निश्चित ही, मानसखंड मंदिरमाला परियोजना उत्तराखंड को भारत के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों की सूची में एक प्रमुख स्थान दिलाने की ओर अग्रसर है।

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