हल्द्वानी: गोरापड़ाव के पास हेड़ागज्जर गांव में एक विवाहिता ने प्रताड़ना से तंग आकर ससुराल जाने से मना किया तो पति ने अपने पिता की मदद से दिव्यांग ससुर को पीटकर मार डाला। बीच-बचाव के लिए आए साले और सास को भी पीट दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दामाद और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

मूलरूप से पीलीभीत के अमरिया निवासी रोशनलाल दो दशक से हेड़ागज्जर निवासी मोहन कांडपाल के खेत में झोपड़ी बनाकर परिवार के साथ रहते थे। बटाईदारी का काम करने वाले रोशन लाल ने अपनी बड़ी बेटी आरती की शादी हेड़ागज्जर में ही रहने वाले गोपाल सक्सेना के साथ 25 नवंबर 2020 को की थी।
आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुरालियों ने आरती को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू किया तो आरती 13 जनवरी को मायके चली आई।

गोरापड़ाव के पास हेड़ागज्जर गांव में सरेशाम ससुर की जान लेने वाला गोपाल सक्सेना और उसका पिता नंद राम न तो पड़ोसी धर्म समझ पाए और ना ही रिश्तों की कद्र कर पाए। दो महीने पहले जिस उम्मीद से दोनों परिवार संबंधी बने थे, वह उम्मीद धरी की धरी रह गई।  गोपाल और उसका पिता ट्रैक्टर चलाते हैं। आरती के अनुसार शादी के एक महीने बाद से ही उसे पीटना शुरू कर दिया गया। तीन दिन पहले दहेज के लिए पीटा गया। ससुराल मायके से सिर्फ 500 मीटर दूर है।

आरती के अनुसार उसके साथ आए दिन गाली-गलौज की जाती थी और पीटने की धमकी दी जाती थी। 13 जनवरी को भी नशे में आकर पीटा गया तो वह मायके चली आई। ससुराल पहुंचकर भी मारपीट की गई।

आरोपी के साले रोहित का कहना है कि गोपाल के साथ उसकी बहनें भी आई थीं। इस घटना के चलते रोशनलाल का परिवार गमगीन हो गया है। बेटियों का रोते-रोते बुरा हाल है। आरती ने कहा कि जीवन साथी ने ही सब कुछ बर्बाद कर दिया।

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