उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश है तो कहीं पर बादल छाए हैं। मसूरी में दिन की शुरुआत हल्की बारिश के साथ हुई। वहीं, शहर में घना कोहरा छाया हुआ है। देहरादून स्थित राज्य मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार 30 जुलाई तक पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश रहेगी।

उधर, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। बीआरओ की मशीनें मौके पर पहुंच गई हैं, लेकिन पत्थर लगातार गिर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब पत्थर गिरने रुकेंगे तो हाइवे को खोलने का काम शुरु किया जाएगा। वहीं, यमुनोत्री धाम के पास बड़कोट क्षेत्र में सुबह से झमाझम बारिश हो रही है। जिसके चलते नदी नाले उफान पर हैं। बदरीनाथ हाईवे भी पागल नाला में मलबा और बोल्डर आने से बंद है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा रुकी हुई है। बदरीनाथ हाईवे के खुलने पर यात्रा शुरु होगी।

कुमाऊं में 31 सड़कें बंद
बारिश से जगह-जगह मलबा आने और बोल्डर गिरने से 31 सड़कें बंद हो गईं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही बारिश से नदी नालों में जल स्तर बढ़ गया है। काली, गोरी नदी, धौली गंगा, रामगंगा, सरयू नदी सहित अन्य छोटी नदियां भी उफान पर हैं।

भूस्खलन से तीन मकानों का पुश्ता ढहा

पोखरी ब्लाक के सिमलासू गांव में भूस्खलन से तीन मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भवन स्वामियों ने तहसील प्रशासन से मौका मुआयना करवाकर मुआवजा दिलाने की मांग की। बीते 25 जुलाई की रात को भारी बारिश से सिमलासू गांव के भरत सिंह असवाल, लक्ष्मण सिंह और राहुल के मकानों के आगे भूस्खलन होने से पुश्ता ढह गया जिससे मकानों में दरारें आ गई हैं जिससे खतरा बना हुआ है।

वे रात के समय बारिश होने पर रतजगा कर रहे हैं। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर राजस्व विभाग की टीम को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजने, आर्थिक सहायता देने और भवनों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

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