हरिद्वार। स्वामी दर्शनानन्द इंस्टिट्यूट आॅफ मैंनेजमंेट एण्ड टैक्नोलाॅजी में अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजक सुधांशु जगता ने बताया कि 21 फरवरी का दिन दुनियाभर में अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरूआत यूनेक्कों की और से 17 नवम्बर 1999 को की गयी थी। पहली बार साल 2000 में आज ही के दिन अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। श्री जगता ने बताया कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य मातृभाषा का संरक्षण करना एवं उन्हें बढ़ावा देना है। इस अवसर पर आयुषी परमार, गुरमीत सिंह, कृर्ती श्रीवास्तव, शिविका बालियान, जीवांशी चैहान आदि ने मातृभाषा के उपर पोस्टर बनाएं एवं अपने विचार प्रकट किये। संस्थान के अध्यापकों द्वारा विजेता प्रतिभागियांे को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर मितांशी विश्नोई, सुधांशु जगता, हिमांशु सैनी, कीर्ति चुग, अंजुम सिददकी, अनुराग गुप्ता, धरणीधर वाग्ले, ज्योति राजपूत, वर्षा रानी आदि उपस्थित रहंे।

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