
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में कुंभ मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में आठवें दिन भी जारी रहा विशेष स्वच्छता महाअभियान
प्रेम नगर आश्रम पुल से सिंहद्वार पुल तक चलाए गए अभियान में बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्रित, विभिन्न घाटों, मंदिर परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी चला स्वच्छता अभियान
पुलिस लाइन के लगभग 250 प्रशिक्षु कर्मियों, आश्रम के 40 कार्यकर्ताओं सहित स्कूली छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवियों, विभागीय कार्मिकों एवं सामाजिक संस्थाओं ने किया प्रतिभाग
आज चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान में विभिन्न घाटों एवं क्षेत्रों से लगभग 16 टन गीला एवं सूखा कूड़ा एकत्रित किया गया
हरिद्वार, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के दृष्टिगत जनपद हरिद्वार में गंगा घाटों, मंदिर परिसरों, सार्वजनिक स्थलों, ग्रामीण बाजारों एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष स्वच्छता महाअभियान आठवें दिन भी जारी रहा।
कुंभ मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाकर आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
इसी क्रम में प्रेम नगर आश्रम पुल से सिंहद्वार पुल तक विभिन्न गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत एवं सीओ ट्रैफिक बिपेंदर सिंह के मार्गदर्शन में संचालित अभियान में पुलिस लाइन के लगभग 250 प्रशिक्षु कर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रेम नगर आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा सौम्यानंद के नेतृत्व में लगभग 40 कार्यकर्ताओं ने भी घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई में योगदान दिया। भुवनेश्वरी महिला आश्रम एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल की टीम के 18 स्वयंसेवकों ने भी अभियान में प्रतिभाग करते हुए सफाई कार्य किया। अभियान के दौरान 12 टन कूड़ा-कचरा एकत्रित कर निस्तारण के लिए नगर निगम को सुपुर्द किया गया।
इस अभियान में स्कूली छात्र-छात्राओं, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवियों, विभिन्न विभागों के कार्मिकों, आश्रम के कार्यकर्ताओं, पुलिस कर्मियों, सामाजिक संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों ने गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा श्रद्धालुओं और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
इसी क्रम में इनरव्हील क्लब हरिद्वार की ओर से गोविंद घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में मुख्य अतिथि महापौर किरण जैसल एवं गोविंदपुरी की पार्षद ममता नेगी ने प्रतिभाग किया। वहीं, जिला पंचायत द्वारा नमामि गंगे घाट, चंडी घाट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें 65 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एवं 325 किलोग्राम गीला कचरा एकत्रित किया गया। इसके अतिरिक्त भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने नाई घाट पहुंचकर मां गंगा के घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया।

विशेष स्वच्छता महाअभियान के अंतर्गत बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सतनाम साक्षी घाट पर भी गंगा स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इसमें डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स (Development Alternatives) एवं आदर्श युवा समिति की टीम के 20 स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। स्वयंसेवकों ने घाट क्षेत्र में सफाई करते हुए लगभग 100 बैग कपड़े एकत्रित किए, जिनका कुल वजन लगभग 2 टन बताया गया। एकत्रित कपड़ों को उचित निस्तारण के लिए नगर निगम को सुपुर्द किया गया।
इसी क्रम में भारत स्काउट गाइड द्वारा नाई सोता घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया।
जिला प्रशासन द्वारा कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत स्वच्छता अभियान को जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गंगा घाटों, मंदिर परिसरों, सार्वजनिक स्थलों एवं ग्रामीण बाजारों को स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी एवं जागरूकता की भावना विकसित करना है। इसके लिए विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छता महाअभियान में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करें, गंगा घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं तथा कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने में सहयोग दें। जनसहभागिता एवं सामूहिक प्रयासों से कुंभ मेला-2027 से पूर्व हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
इस दौरान प्रेम नगर आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा सौम्यानंद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, नगर स्वास्थ्य अधिकारी पवन कार्की, प्रबंधक पवन कुमार, सीएसआई श्रीकांत, सीआई मोहित कुमार सहित पुलिस कर्मी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

