देवीधुरा में अब नहीं सताएगा जाम, बनेगी मल्टी लेवल पार्किंग

₹9.80 करोड़ की परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी, 83 कारों की पार्किंग के साथ शौचालय और केयरटेकर रूम की भी होगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चम्पावत के प्रसिद्ध देवीधुरा क्षेत्र में लंबे समय से महसूस की जा रही पार्किंग की समस्या के समाधान का रास्ता साफ हो गया है। ग्राम देचमार, तहसील पाटी में प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग परियोजना को विभागीय व्यय समिति ने ₹980.23 लाख यानी करीब 9.80 करोड़ रुपये की औचित्यपूर्ण लागत पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। अब प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेजा जाएगा। पार्किंग बनने के बाद बग्वाल मेले समेत वर्षभर देवीधुरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को वाहनों की पार्किंग के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और सड़क पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

राज्य सचिवालय में मंगलवार को सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना के तकनीकी, वित्तीय और भूमि संबंधी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में क्षेत्र की वास्तविक जरूरत को देखते हुए पार्किंग की प्रस्तावित संरचना में भी बदलाव किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दोपहिया वाहन पार्किंग और दुकानों-कैफे का प्रावधान हटाकर मुख्य रूप से कार पार्किंग पर फोकस किया जाए। संशोधित प्रस्ताव में 83 कारों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बग्वाल मेले में बढ़ जाता है वाहनों का दबाव
देवीधुरा धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से चम्पावत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रसिद्ध बग्वाल मेला आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। मेले के दौरान वाहनों का दबाव अचानक बढ़ने से सीमित पार्किंग व्यवस्था के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ ही कई बार जाम की स्थिति पैदा होती है। वर्षभर भी देवीधुरा आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्थित पार्किंग की जरूरत महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण से वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। इससे मुख्य सड़क पर अनियंत्रित पार्किंग कम होगी और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। परियोजना का लाभ स्थानीय लोगों के साथ ही देवीधुरा आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी मिलेगा।

TAC जांच के बाद ₹980.23 लाख की लागत तय
परियोजना के लिए पहले ₹994.80 लाख का आगणन तैयार किया गया था। चूंकि आगणन पांच करोड़ रुपये से अधिक था, इसलिए नियोजन विभाग के तकनीकी संप्रेक्षा प्रकोष्ठ (TAC) से इसका परीक्षण कराया गया। परीक्षण के बाद ₹980.23 लाख की धनराशि परियोजना के लिए औचित्यपूर्ण पाई गई। इसी राशि पर विभागीय व्यय समिति ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। बैठक में बताया गया कि पार्किंग के लिए ग्राम देचमार पट्टी देवीधुरा में 0.88 हेक्टेयर पंचायत वन भूमि चिन्हित की गई है। यह भूमि खाता-खतौनी संख्या 16 के खसरा संख्या 1864 में दर्ज है और देवीधुरा मेला क्षेत्र के निकट सड़क से लगी हुई है। वन विभाग की ओर से भी प्रकरण पर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

कैंपा की धनराशि भी मूल लागत में शामिल
परियोजना में पर्यावरणीय प्रावधानों को भी शामिल किया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी, चम्पावत की ओर से एनपीवीओ, क्षतिपूरक वनीकरण, Soil and Moisture Conservation Plan (SMCP) और Wildlife Management Plan (WMP) के लिए ₹34,66,057 की धनराशि कैंपा कोष में जमा किए जाने की अपेक्षा की गई है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह धनराशि मूल आगणन में ही शामिल कर दी गई है। इसके लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग नहीं की जाएगी। परियोजना के निर्माण से पहले सहायक भू-वैज्ञानिक, चम्पावत की भूगर्भीय निरीक्षण आख्या को भी संज्ञान में लिया जाएगा। अधिकारियों ने परियोजना की तकनीकी आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए।

दुकान-कैफे हटे, अब सिर्फ पार्किंग पर जोर
बैठक में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजना को क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरूप रखने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित दोपहिया पार्किंग, दुकानों और कैफे का प्रावधान हटाकर 83 कारों की पार्किंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही पार्किंग परिसर में पर्याप्त शौचालय और केयरटेकर रूम की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने को कहा गया। समिति ने सचिव के सुझावों को शामिल करते हुए ₹980.23 लाख की औचित्यपूर्ण धनराशि पर सैद्धांतिक सहमति दी। अब प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं-पर्यटकों को मिलेगी राहत- डॉ. आर. राजेश कुमार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। देवीधुरा में मल्टी लेवल पार्किंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इससे बग्वाल मेले सहित अन्य अवसरों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। परियोजना में अनावश्यक व्यावसायिक गतिविधियों को हटाकर क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुसार 83 कारों की पार्किंग का प्रावधान करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालय और केयरटेकर रूम की सुविधा भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।

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