जिलाधिकारी ने की पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

पात्र लाभार्थी किसी भी योजना से वंचित न रहें, योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जाए: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार देर सांय तक विकास भवन सभागार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं वाह्य सहायतित योजनाओं तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों की संख्या, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करते हुए गौ पालन योजना, बकरी पालन योजना, भेड़ पालन योजना, महिला बकरी पालन योजना, गोट वैली योजना, ब्रायलर फार्म स्थापना योजना, बैकयार्ड कुक्कुट पालन इकाई योजना, निःशुल्क चारा बीज वितरण योजना, ग्राम्य गौ सेवक योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने प्रत्येक योजना के अंतर्गत लाभान्वित किसानों की संख्या, व्यय की स्थिति तथा योजनाओं के प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय किसानों, जनप्रतिनिधियों तथा पशुपालकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक पात्र लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों एवं पशुपालकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक ही लाभार्थी को एक ही प्रकार की योजना का दोहरा लाभ न मिले तथा सभी योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी की जा सके।

इसके उपरांत डेयरी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में गंगा गाय महिला डेयरी योजना के अंतर्गत इकाई स्थापना, वित्तीय प्रगति एवं लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही दुग्ध समितियों की कार्यप्रणाली, दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना, बछिया पालन योजना तथा अन्य डेयरी विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की उत्कृष्ट दुग्ध समितियों, प्रगतिशील डेयरी किसानों एवं महिला दुग्ध उत्पादकों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य किसान एवं महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाजार में मिलावटी डेयरी उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार नियमित जांच एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हो सकें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, वरिष्ठ प्रबंधक दुग्ध सरवन शर्मा, सहायक निदेशक दुग्ध भूपेंद्र बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. राजीव गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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