विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत बी.एल.ओ/ बी.एल.ओ. सुपरवाइजर एवं निर्वाचन कार्मिकों को दिया गया प्रशिक्षण
मतदाता गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन एवं बी.एल.ओ. ऐप के प्रभावी संचालन पर दिया गया विशेष जोर
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-2026) कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को विकासखण्ड सभागार अगस्त्यमुनि एवं ऊखीमठ में बी.एल.ओ., बी.एल.ओ. सुपरवाइजर तथा निर्वाचन कार्मिकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन कार्मिकों को आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।
विकासखण्ड सभागार अगस्त्यमुनि में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में ए.एल.एम.टी. डॉ. दीपक सिंह बुटोला तथा विकासखण्ड सभागार ऊखीमठ में ए.एल.एम.टी. सुशील चमोली ने प्रतिभागियों को बी.एल.ओ. ऐप के माध्यम से मतदाता गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन, दस्तावेजों के अपलोड एवं अपडेट की प्रक्रिया, डेटा सत्यापन तथा विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक मतदाता का विवरण सही एवं अद्यतन रूप में मतदाता सूची में दर्ज होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक गणना प्रपत्र का समयबद्ध, सावधानीपूर्वक एवं त्रुटिरहित डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि मतदाता सूची की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे।
कार्मिकों को बी.एल.ओ. ऐप के संचालन का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिसमें लॉगिन प्रक्रिया, प्रपत्रों के स्कैन एवं अपलोड, आवश्यक विवरणों की प्रविष्टि, सत्यापन प्रक्रिया तथा डेटा अपडेट करने की विधि का चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित ए.ई.आर.ओ. रुद्रप्रयाग ने निर्वाचन कार्यों के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी बी.एल.ओ., बी.एल.ओ. सुपरवाइजर एवं निर्वाचन कार्मिकों से भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण निष्ठा एवं गंभीरता के साथ पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें प्रत्येक कार्मिक की सक्रिय एवं जिम्मेदार भूमिका अपेक्षित है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं त्रुटिरहित बनाने पर विशेष बल दिया गया तथा सभी प्रतिभागियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने का आग्रह किया गया।