*हरित हरिद्वार मुहिम को सार्थक बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वृक्षारोपण करने के दिए निर्देश*
*सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को 10-10 वृक्ष लगाने का दिया लक्ष्य तथा उनकी देखरेख एवं सुरक्षा करने के दिए निर्देश*
*जनपद में किसी भी सरकारी भूमि पर न हो अतिक्रमण जिलाधिकारी*
*जनपद में मानसून से पूर्व सभी नालो की प्राथमिकता से की जाए सफाई*
*जिलाधिकारी ने जनपद में विभिन्न विभागों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा*
*हरिद्वार । जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आमजन तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने “हरित हरिद्वार” मुहिम को प्रभावी बनाने हेतु सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम 10-10 पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रत्येक अधिकारी के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को भी कम से कम एक-एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल करने हेतु प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और हरिद्वार को हरा-भरा बनाना सभी की जिम्मेदारी है।
बैठक में जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मानसून से पूर्व जनपद के सभी नालों और नालियों की प्राथमिकता के आधार पर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। इस संबंध में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, खंड विकास अधिकारियों एवं जिला पंचायतराज विभाग को अपने अपने क्षेत्रों में नालियों की साफ सफाई त्वरित गति से की जाए,इसमें कोई भी लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र,अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी, उपजिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, स्वजल नोडल अधिकारी चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं फरियादी उपस्थित रहे।