शराब पीकर वाहन चलाना – जीवन के लिए घातक

रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत परिवहन विभाग एवं आबकारी विभाग की संयुक्त जन-जागरूकता पहल

सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के तहत शहर के समस्त शराब विक्रय केंद्रों (वाइन शॉप्स) पर “डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव / शराब पीकर वाहन न चलाएं” विषयक जागरूकता बैनर लगाए गए हैं। यह अभियान परिवहन विभाग एवं आबकारी विभाग के आपसी समन्वय से क्रियान्वित किया गया है।

इस अवसर पर एआरटीओ (प्रवर्तन) सुश्री नेहा झा ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है और यह मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। रोड सेफ्टी माह के दौरान परिवहन विभाग का विशेष फोकस प्रवर्तन के साथ-साथ नागरिकों को व्यवहार परिवर्तन हेतु जागरूक करने पर है, ताकि दुर्घटनाओं में वास्तविक और स्थायी कमी लाई जा सके।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री निखिल शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। शराब सेवन के पश्चात वाहन चलाना न केवल स्वयं के जीवन को खतरे में डालता है, बल्कि अन्य निर्दोष सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है। रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत ऐसे अभियानों का उद्देश्य नागरिकों में जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना है।

जिला आबकारी अधिकारी श्री कैलाश बिजोली ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा इस अभियान में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है। शराब विक्रय स्थलों पर लगाए गए जागरूकता बैनरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि शराब सेवन के बाद वाहन चलाना अवैधानिक होने के साथ-साथ जीवन के लिए भी अत्यंत घातक है।

इस संयुक्त पहल के माध्यम से आम जनमानस से अपील की जाती है कि वे रोड सेफ्टी माह के संदेश को आत्मसात करें, शराब सेवन के उपरांत स्वयं वाहन न चलाएं, सुरक्षित वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करें तथा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें। परिवहन विभाग भविष्य में भी प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता के माध्यम से सुरक्षित यातायात के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

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