Day: February 22, 2021

गृह मंत्रालय ही सुरक्षित नहीं तो कैसे रहेगा प्रदेश सुरक्षितः मोर्चा

मुख्यमंत्री के मंत्रालय में चोरी मामले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं     विकासनगर:  जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं…

पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार-2020 में देहरादून चैप्टर को मिला बेस्ट चैप्टर अवार्ड

देहरादून: पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी आफ इंडिया द्वारा पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार-2020 का वर्चुअल आन लाइन आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का…

निर्माणाधीन श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क का निरीक्षण किया

  देहरादून:  मसूरी विधायक गणेश जोशी एवं मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह चैहान ने राजपुर में निर्माणाधीन…

उत्तराखंड से आई देव डोलियां 25 अप्रैल को करेंगी कुंभ स्नानः गांववासी

कोटद्वार:  देव-डोलियों के स्नान की परंपरा बहुत प्राचीन और यह उत्तराखंड की महत्वपूर्ण विरासत है ।यह बात डोली स्नान आयोजन…

जनता के हितों की रक्षा करना भाजपा सरकार की जिम्मेदारीः डॉ. हरक

कोटद्वार:  प्रदेश के वन एवं श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सोमवार को विवाहोपरान्त, प्रसुति प्रसुविधा, मरणोपरान्त व मुख्यमंत्री…

राज्यमंत्री भंडारी ने किया बीएडीपी विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

उत्तरकाशी:  भारत – चीन बार्डर से सटे भटवाड़ी ब्लाक के गांवो में बीएडीपी के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने…

इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ लॉ (आई.आई.एल.) का उद्घाटन समारोह

“आई.आई.एल., सतत शिक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देगा”: माननीय न्यायमूर्ति श्री उदय उमेश ललित, सर्वोच्च न्यायालय देहरादून:   इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ…

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बैरागी अखाड़ों के संतों ने लगाया सरकार पर फैसले थोपने का आरोप हरिद्वार। कुंभ मेला शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष बचा है, मगर उससे पहले हरिद्वार में बैरागी अखाड़ों की नाराजगी दूर होती दिखाई नहीं दे रही है। इसी कड़ी में की नाराजगी दूर करने के लिये हरिद्वार पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने संतों से बंद कमरे में कई घंटे तक वार्ता की। इस दौरान बैरागी अखाड़ों के संतों ने कुंभ मेले के कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। इस मुलाकात में बैरागी अखाड़ों के श्री महंत और संतों ने कुंभ मेले के कार्य बैरागी कैंप में न होने पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। पंच निर्मोही अणि अखाड़े के श्री महंत राजेंद्र दास का कहना है कि हम चाहते हैं हरिद्वार का कुंभ भव्य और दिव्य हो. अभी तक कुंभ मेला प्रशासन द्वारा बैरागी अखाड़ों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, इसको लेकर अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री से भी अनुरोध है कि प्रयागराज और वृंदावन की तर्ज पर ही कुंभ मेले को कराया जाए। वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहना है कि बैरागी अखाड़े के श्री महंत और संतों की मांग सही भी है, क्योंकि बैरागी अखाड़ों में टेंट, बिजली, पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सरकार से इस बारे में बातचीत की जाएगी और कहा जाएगा कि 13 अखाड़ों को जो भी व्यवस्था दी जाती है, वह सभी अखाड़ों को दी जाए। नरेंद्र गिरी ने कहा कि अभी तक हुए सरकार के कार्यों से संत संतुष्ट नहीं है, क्योंकि कुंभ मेले को लेकर बैरागी अखाड़ों के साधु संतों में असमंजस है। वहीं, राज्य सरकार पर शाही स्नान और कुंभ की अवधि घटाए जाने को लेकर भी महंत नरेंद्र गिरि ने नाराजगी जताई और कहा कि इस फैसले में अखाड़ा परिषद को विश्वास में नहीं लिया गया, इसलिये उसको मानने के लिए हम तैयार नहीं है। उनका कहना है कि कुंभ मेले के शाही स्नान की घोषणा मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा की गई थी। उसमें कुंभ के चार स्नान की घोषणा की गई थी। यह बैठक कोरोना महामारी के वक्त हुई थी। मगर अब मुख्य सचिव द्वारा कहा जा रहा है कि दो ही शाही स्नान किए जाएंगे। इसको लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से सरकार ने कोई वार्ता नहीं की है। संतों ने सरकार को आश्वासन दिया गया था कि कोरोना महामारी को देखते हुए कुंभ का आयोजन किया जाएगा। मगर प्रयागराज का कुंभ हो गया, वृंदावन में मेला चल रहा है। वहां कोरोना को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई, मगर हरिद्वार में सरकार अपनी कमियां छुपाने के लिए कोरोना का बहाना कर रही है। उनका कहना है कि कुंभ मेले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और शासन द्वारा निर्णय लिया जाता है।मगर उत्तराखंड सरकार अपने आप ही निर्णय ले रही है और उन फैसलों को हमारे ऊपर थोप रही है।