Day: February 1, 2021

पीसीसी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बजट को उत्तराखण्ड के साथ छलावा बताया

देहरादून: उत्तराखण्ड प्रदेश कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट को…

बजट में टिकाऊ खेती के लिए किए गए हैं ईमानदार प्रयासः के.सी. रवि

देहरादून: चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर सिनजेंटा इंडिया लिमिटेड डा. के.सी. रवि ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा…

पावनी गुप्ता ने शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक

हरिद्वार:  हरिद्वार की पावनी गुप्ता ने शुटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर हरिद्वार का नाम खेल के क्षेत्र में रोशन…

सीएम ने केंद्रीय बजट को देशवासियों की आकांक्षाओं का बजट बताया  

देहरादून:  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय बजट 2021-22 पर बोलते हुए कहा है कि विपरीत परिस्थितियों में बहुत ही…

औषधीय पादप महाकुम्भ संगोष्ठी का आयोजन

हरिद्वार:  गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) हरिद्वार के बी0फार्मा विभाग द्वारा आयोजित औषधीय पादप महाकुम्भ में औषधीय पादप महाकुम्भ संगोष्ठी आयोजन का…

आर्थिक चुनौतियों से निपटने में कारगर साबित होगा बजटः महाराज

देहरादून:  प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि…

अन्तर्राष्ट्रीय योगा फेस्टिवल ऋषिकेश में एक मार्च से सात मार्च तक

देहरादून:   पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अन्तर्राष्ट्रीय योगा फेस्टिवल के लिए गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष चैहान…

उत्तराखण्ड की झांकी के कलाकारों को सीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया

देहरादून:  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ, दिल्ली में…

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बैरागी अखाड़ों के संतों ने लगाया सरकार पर फैसले थोपने का आरोप हरिद्वार। कुंभ मेला शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष बचा है, मगर उससे पहले हरिद्वार में बैरागी अखाड़ों की नाराजगी दूर होती दिखाई नहीं दे रही है। इसी कड़ी में की नाराजगी दूर करने के लिये हरिद्वार पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने संतों से बंद कमरे में कई घंटे तक वार्ता की। इस दौरान बैरागी अखाड़ों के संतों ने कुंभ मेले के कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। इस मुलाकात में बैरागी अखाड़ों के श्री महंत और संतों ने कुंभ मेले के कार्य बैरागी कैंप में न होने पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। पंच निर्मोही अणि अखाड़े के श्री महंत राजेंद्र दास का कहना है कि हम चाहते हैं हरिद्वार का कुंभ भव्य और दिव्य हो. अभी तक कुंभ मेला प्रशासन द्वारा बैरागी अखाड़ों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, इसको लेकर अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री से भी अनुरोध है कि प्रयागराज और वृंदावन की तर्ज पर ही कुंभ मेले को कराया जाए। वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहना है कि बैरागी अखाड़े के श्री महंत और संतों की मांग सही भी है, क्योंकि बैरागी अखाड़ों में टेंट, बिजली, पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सरकार से इस बारे में बातचीत की जाएगी और कहा जाएगा कि 13 अखाड़ों को जो भी व्यवस्था दी जाती है, वह सभी अखाड़ों को दी जाए। नरेंद्र गिरी ने कहा कि अभी तक हुए सरकार के कार्यों से संत संतुष्ट नहीं है, क्योंकि कुंभ मेले को लेकर बैरागी अखाड़ों के साधु संतों में असमंजस है। वहीं, राज्य सरकार पर शाही स्नान और कुंभ की अवधि घटाए जाने को लेकर भी महंत नरेंद्र गिरि ने नाराजगी जताई और कहा कि इस फैसले में अखाड़ा परिषद को विश्वास में नहीं लिया गया, इसलिये उसको मानने के लिए हम तैयार नहीं है। उनका कहना है कि कुंभ मेले के शाही स्नान की घोषणा मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा की गई थी। उसमें कुंभ के चार स्नान की घोषणा की गई थी। यह बैठक कोरोना महामारी के वक्त हुई थी। मगर अब मुख्य सचिव द्वारा कहा जा रहा है कि दो ही शाही स्नान किए जाएंगे। इसको लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से सरकार ने कोई वार्ता नहीं की है। संतों ने सरकार को आश्वासन दिया गया था कि कोरोना महामारी को देखते हुए कुंभ का आयोजन किया जाएगा। मगर प्रयागराज का कुंभ हो गया, वृंदावन में मेला चल रहा है। वहां कोरोना को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई, मगर हरिद्वार में सरकार अपनी कमियां छुपाने के लिए कोरोना का बहाना कर रही है। उनका कहना है कि कुंभ मेले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और शासन द्वारा निर्णय लिया जाता है।मगर उत्तराखंड सरकार अपने आप ही निर्णय ले रही है और उन फैसलों को हमारे ऊपर थोप रही है।