देहरादून: पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी आफ इंडिया द्वारा पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार-2020 का वर्चुअल आन लाइन आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन देहरादून चैप्टर द्वारा किया गया, जिससे आनलाॅइन मोड मे देशभर के 25 चैप्टर के 2500  से अधिक सदस्य जुड़े रहे।

वर्चुअल आनलाॅइन के माध्यम से दिये गये अपने संदेश मे उत्तराखण्ड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि पब्लिक रिलेशन सोसाइटी आफ इंडिया के राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का आयोजन के लिए सभी पदाधिकारी एवं सदस्य बधाई के पात्र है।

उन्होंने कहा कि जन संपर्क और संचार के क्षेत्र में आज जिन्हें पुरस्कार प्राप्त हुआ है, उन्हें भी हार्दिक बधाई है। जन संपर्क और संचार के माध्यम से पीआरएसआई सदैव लोक कल्याण सेे जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं के प्रसार में तत्पर रहता है।

कोविड-19 के समय भी आपके संगठन ने सक्रिय भूमिका निभाई। सोशल मीडिया के दौर में समाज तक सही सूचनाओं का प्रसार एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। मुझे विश्वास है कि पीआरएसआई के सभी सदस्य जनहित में सदैव महत्वपूर्ण योजनाओं तथा कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में भूमिका निभाते रहेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा पीआरएसआई द्वारा जनकल्याणकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार में अहम योगदान निभाया जा रहा है।

उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए बधाई दी। डाॅ. निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाने में पीआरएसआई ने सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि मुझे आशा है भविष्य में भी पीआरएसआई इसी प्रकार से अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन समाजहित में करता रहेगा। देहरादून में आयोजित इस आनलाइन कार्यक्रम में पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के सभी सदस्य मौजूद रहे, देहरादून मे कार्यक्रम का शुभारंभ  मुख्यअतिथि राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, विशिष्ट अतिथि महानिदेशक यूकाॅस्ट डाॅ. राजेन्द्र डोभाल एवं पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर अध्यक्ष अमित पोखरियाल द्वारा किया गया।

पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार-2020 में देहरादून चैप्टर को देशभर के 25 चैप्टर में से बेस्ट चैप्टर का पुरस्कार दिया गया, साथ ही बेस्ट सैक्रेटरी का पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किये गये। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद श्री बंसल ने कहा कि आज के समय में जनसंपर्क का महत्वपूर्ण योगदान है।

विशिष्ट अतिथि महानिदेशक यूकाॅस्ट डाॅ. राजेन्द्र डोभाल ने कहा कि जनसंपर्क ही एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके माध्यम से सरल भाषा में अपनी बात को समाज तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में हर दिन नई घटना होती है, जिसके बारे में सरल भाषा में बताया जाना जरूरी है। उन्होंने ग्लेशियर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ग्लेशियर विज्ञान के बारे में पूरी जानकारी न होने के कारण अनेक प्रकार के भ्रम समाज में उत्पन्न हो जाते है।

तपोवन-ऋषिगंगा में हुई आपदा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सही प्रकार से जांच होनी चाहिए कि इस घटना के पीछे असली वजह क्या है।

उन्होंने कहा कि ग्लेशियर के संबंध में अध्ययन के लिए अलग से संस्थान स्थापित किये जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा पहल करते हुए वाडिया संस्थान में अलग से संस्थान स्थापित किया जाना था, जो किन्ही कारणों से पूरी नही हो पायी है।

उन्होंने इसके लिए राज्य सभा सांसद श्री बंसल से आग्रह किया कि वह केन्द्र सरकार के स्तर पर इस संस्थान की स्थापना में मदद करें। कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पी.आर.एस.आई. के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. अजीत पाठक द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने कहा कि देहरादून से उनका विशेष लगाव है। उन्होंने देहरादून चैप्टर को विशेष रूप से बधाई।

इस अवसर पर पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष अमित पोखरियाल ने वर्ष 2020 मे पीआरएसआई बेस्ट चैप्टर देहरादून को मिलने पर हर्ष जताया और अपनी पूरी टीम को बधाई प्रेषित की।

कार्यक्रम मे डाॅ. अमरनाथ त्रिपाठी, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश चन्द्र भट्ट, संयुक्त मंत्री राकेश डोभाल, पूजा पोखरियाल, राष्ट्रीय काउंसिल के सदस्य विमल डबराल, अनिल वर्मा, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के वरिष्ठ सदस्य डाॅ. डी.पी.उनियाल, अजय डबराल, वैभव गोयल, आकाश शर्मा, महेश खंकरियाल, संजय बिष्ट, ज्योति नेगी आदि उपस्थित थे।

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