हरिद्वार:  डी0जी0 एन0सी0सी0 के निर्देशानुसार 31 यू0के0 बटालियान एन0सी0सी0 द्वारा भल्ला इण्टर कालेज 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले एन0सी0सी0 कैम्प का शुभारम्भ किया गया।

जिसमें गुरुकुल समविश्वविद्यालय सहित देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार, पी0बी0 म्यूनिसिपल इण्टर, आनन्दमयी सेवासदन इण्टर कालेज, डा0 हरिराम आर्य इण्टर कालेज के एन0सी0सी0 कैडेट भाग ले रहे है।

कैम्प का उद्घाटन 31 यूके0 बटालियन एन0सी0सी0 बटालियान के कमांडिंग आफिसर कर्नल पी0के0 भट्ट द्वारा किया गया। कैम्प में प्रतिभाग करने वाले महिला व पुरूष वर्ग के प्रतिभागी कैडिटों को अनुशासन के साथ-साथ मेप रिडिंग, ड्रिल सिग्नल, फील्ड क्राष्ट, बैलट क्राष्ट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ट्रेनिग के दौरान कैडिटों का पी0आइ्र0 स्टाफ, ए0एन0ओ0 द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की ट्रेनिंग दी जाएगी। विश्वविद्यालय के एन0सी0सी0 इंचार्ज डा0 राकेश भूटियानी ने बताया कि ‘बी’ वर्ग के कैडिट्स को तीन दिन व ‘सी’ वर्ग के कैडिट्स को पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कैम्प को सुचारू रूप से संचालित करने में कैप्टन ओ0पी0 गोनियाल, मेजर विनिता कुर्ल, मेजर सरिता परिहार, कैप्टन राकेश भूटियानी, केयर टेकर पवन राजोरिया, सुबेदार मेजर दिलबहादुर थापा, सुबेदार ढक बहादुर गुरूंग, सुबेदार मुकेश चन्द, ट्रेनिंग जे0सी0ओ0 सुबेदार रामबहादुर, सुबेदार अर्जुन थापा, नायब सुबेदार गुप्ता, बहादुर थापा, ना0सुबेदार गोविन्द सिंह द्वारा कैडिट्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। पांच दिनों तक चलने वाले इस एन0सी0सी0 कैम्प में एन0सी0सी0 के छात्रों को विभिन्न प्रशिक्षण दिए जायेंगे।

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बैरागी अखाड़ों के संतों ने लगाया सरकार पर फैसले थोपने का आरोप हरिद्वार। कुंभ मेला शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष बचा है, मगर उससे पहले हरिद्वार में बैरागी अखाड़ों की नाराजगी दूर होती दिखाई नहीं दे रही है। इसी कड़ी में की नाराजगी दूर करने के लिये हरिद्वार पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने संतों से बंद कमरे में कई घंटे तक वार्ता की। इस दौरान बैरागी अखाड़ों के संतों ने कुंभ मेले के कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। इस मुलाकात में बैरागी अखाड़ों के श्री महंत और संतों ने कुंभ मेले के कार्य बैरागी कैंप में न होने पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। पंच निर्मोही अणि अखाड़े के श्री महंत राजेंद्र दास का कहना है कि हम चाहते हैं हरिद्वार का कुंभ भव्य और दिव्य हो. अभी तक कुंभ मेला प्रशासन द्वारा बैरागी अखाड़ों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, इसको लेकर अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री से भी अनुरोध है कि प्रयागराज और वृंदावन की तर्ज पर ही कुंभ मेले को कराया जाए। वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहना है कि बैरागी अखाड़े के श्री महंत और संतों की मांग सही भी है, क्योंकि बैरागी अखाड़ों में टेंट, बिजली, पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सरकार से इस बारे में बातचीत की जाएगी और कहा जाएगा कि 13 अखाड़ों को जो भी व्यवस्था दी जाती है, वह सभी अखाड़ों को दी जाए। नरेंद्र गिरी ने कहा कि अभी तक हुए सरकार के कार्यों से संत संतुष्ट नहीं है, क्योंकि कुंभ मेले को लेकर बैरागी अखाड़ों के साधु संतों में असमंजस है। वहीं, राज्य सरकार पर शाही स्नान और कुंभ की अवधि घटाए जाने को लेकर भी महंत नरेंद्र गिरि ने नाराजगी जताई और कहा कि इस फैसले में अखाड़ा परिषद को विश्वास में नहीं लिया गया, इसलिये उसको मानने के लिए हम तैयार नहीं है। उनका कहना है कि कुंभ मेले के शाही स्नान की घोषणा मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा की गई थी। उसमें कुंभ के चार स्नान की घोषणा की गई थी। यह बैठक कोरोना महामारी के वक्त हुई थी। मगर अब मुख्य सचिव द्वारा कहा जा रहा है कि दो ही शाही स्नान किए जाएंगे। इसको लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से सरकार ने कोई वार्ता नहीं की है। संतों ने सरकार को आश्वासन दिया गया था कि कोरोना महामारी को देखते हुए कुंभ का आयोजन किया जाएगा। मगर प्रयागराज का कुंभ हो गया, वृंदावन में मेला चल रहा है। वहां कोरोना को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई, मगर हरिद्वार में सरकार अपनी कमियां छुपाने के लिए कोरोना का बहाना कर रही है। उनका कहना है कि कुंभ मेले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और शासन द्वारा निर्णय लिया जाता है।मगर उत्तराखंड सरकार अपने आप ही निर्णय ले रही है और उन फैसलों को हमारे ऊपर थोप रही है।