देहरादून: उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी द्वारा आज पार्टी मुख्यालय सुभाष रोड देहरादून में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी के अध्यक्ष संजय कुण्डलिया ने अपनी बात को पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बात रखते हुए कहा कि आज के समय में आरक्षण एक अभिशाप के रूप में हमारे समाज के ऊपर थोप दिया गया है। आरक्षण के लालच में बड़े राजनीतिक दल लोगों को गुमराह कर सिर्फ वोट बटोरना चाहते हैं। आरक्षण कुछ और नहीं सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।

उन्होंने बड़ी गंभीरता से कुछ सवाल अपने कार्यकर्ताओं के बीच रखते हुए कहा कि ’किस जाति- धर्म में लोग पिछड़े हुए नहीं हैं’, किस जाति -धर्म में युवा बेरोजगार नहीं है, किस जाति-धर्म में महिलाओं का शोषण नहीं होता और  किस- जाति और धर्म में लोग शराब नहीं पीते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के लोगों से अपील की है कि आगामी 2022 चुनाव में उत्तराखंड की जनता सिर्फ वोट बैंक बनकर ना रहे। बड़े बड़े राजनीतिक दल आरक्षण के दलदल में आम जनता को गुमराह कर सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर रहे

मैं उन सभी से अपील करता हूं कि वे अपने बल बुद्धि से विचार करें और उत्तराखंड के भविष्य को तय करें। आरक्षण के चिकनी चुपड़ी बातों में ना आएं और ना ही कोई ऐसी लालच में अपना वोट किसी को दें। अनले संबोधन में उन्होंने कहा कि 2022 में उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी को उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत देकर शराबबंदी और आरक्षण खत्म  करें और हम सब मिलकर उत्तराखंड के बच्चों का भविष्य बनाएं।

संविधान में हर जाति- धर्म को समानता का अधिकार देने वाले उच्च शिक्षित बाबासाहेब आंबेडकर की तरह अपने  बच्चों को उच्च शिक्षा देकर उनके सपनों को पूरा करें। कार्यक्रर्ताओं से उन्होंने कहा कि आरक्षण के ऊपर फैले हुए जितनी भी भ्रांतियां हैं वह सब अपने अपने क्षेत्र में लोगों को बताएं एवं उन्हें जागरूक कर सच्चाई दिखायें। एक-एक वोट कीमती है और किसी के झांसे में आकर अपने मत का दुरुपयोग होने से बचे और दुसरे को भी बचायें। बैठक में उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी कि ओर से मोहन ढौडियाल, गिरिश डालाकोटी, जगतार सिंह, हितेश नेगी, आशीष उनियाल, डाॅक्टर संदीप ढौडियाल, डाॅ अश्वनी कुमार प्रदीप नेगी एवं अन्य कार्यकर्ता मौजुद थे।

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